डीआरएम स्थित साईं मंदिर पर भंडारे का आयोजन, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, ठंडी छाछ ने दी गर्मी में राहत

डीआरएम स्थित साईं मंदिर पर भंडारे का आयोजन, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, ठंडी छाछ ने दी गर्मी में राहत

रतलाम। शहर के डीआरएम कार्यालय स्थितमंडल साइंडर में भंडारे  का आयोजन किया गया। परिसर में गुरुवार को 16वें वर्ष श्री साई बाबा के भंडारे में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी। भंडारे और प्रसादी को लेकर दिनभर लोगों की चहल-कदमी से माहौल भक्तिमय हो चला। श्रद्धाभाव से आरती के बाद भंडारे में भोजन प्रसादी शुरू की ही। लोगों ने प्रसादी के बाद ठंडी छाछ पीकर गर्मी से राहत ली।

कार्यक्रम के शुभारंभ की मुख्य अतिथि डीआरएम अश्वनी कुमार की धर्मपत्नी व पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल महिला समाज सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती डॉ. अर्चना शर्मा रही। विशेष अतिथि अपर मंडल केएल मीणा, सीनियर डीएमई भजनलाल, सीनियर डीएसटीई अशोक जोशी, अभिषेक मिश्रा, सीनियर डीईई टीआरडी महेश गुप्ता, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर पावर लेफ्टिनेंट धर्मेंद्र प्रजापति के अलावा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हिना केवलरमानी भी शामिल हुई।


प्रारंभ में अतिथि श्रीमती शर्मा द्वारा ऑफिसर्स रेस्ट हाउस परिसर में स्थित साई मंदिर पर विधिवत पूजा की। इसके बाद स्वयं हाथों से प्रसादी वितरित कर भंडारे की शुरुआत करवाई गई।

दिनभर लगा रहा भक्तों का तांता :- भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित हुए। रेलवे कर्मचारियों के परिजनों सहित आस-पास एरिया से सैकड़ों लोगों के आने का सिलसिला दिनभर जारी रहा। जहां सभी के लिए बेहतर प्रबंधन के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में प्रसादी उपलब्ध कराई गई।
मामले में साई सेवा समिति के अध्यक्ष यशवंत टाक ने बताया कि जनसहयोग से दिनभर चले भंडारे में तकरीबन 4 हजार लोगों ने प्रसादी का लाभ लिया। हर बार की तरह डीआरएम सहित अधिकारियों ने भरपूर सहयोग दिया। भंडारे में साई भक्त पूर्व पार्षद संजय उपाध्याय ने भी व्यवस्था की बागडोर संभाली।

इस मौके पर वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ, अध्यक्ष ह्रदेश पांडेय, अशोक तिवारी, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के सहायक महामंत्री नरेंद्र सिंह सोलंकी, योगेश पाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयोजन को सफल बनाने में यशवंत टाक के अलावा, भानु प्रताप सिंह, वीरेंद्र नागौर, सुनील व्यास, मानक लाल,आसाराम, अंकित, मनोज, राहुल, लखन, गोविंद, लोकेंद्र सिंह, कारूलाल, मोहित, रोहित, सुरेश, राजेंद्र, लक्की, निकी, जोखिम, अजहर, लखन, मनोज, राहुल, भूमशिंग, राकेश सहित समस्त रेल कर्मचारी और कार ड्राइवर का विशेष योगदान रहा।